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Friday, 17 March 2017
Tuesday, 7 March 2017
बंगलौर के डॉक्टर ने गोरे होने के ऐसा तरीका खोज निकाला है की अमेरिकन कंपनियां इस तड़के को बंद करना चाहती है!
हर साल त्वचा को गोरा बनाने वाली इंडस्ट्री अरबों रूपये कमाती है फिर भी कोई भी कभी गोरा नहीं होता। क्या ये थोड़ा अजीब नहीं है ? चाहे यह केमिकल से त्वचा को छीलने का दर्द भरा तरीका हो, नुकसानदायक सीरम हो, या फिर जोखिम भरे लेसर उपचार हो, इनमे से कोई भी कभी काम नहीं करता ! दुष्ट बहुद्देशीय कंपनियां इन नकली उत्पादों का प्रचार करती रहती हैं और अमीर होती रहती हैं, पर हमे कभी भी परिणाम नहीं मिलते ।
यह स्वार्थी कंपनियां आपको यह नहीं जानने देना चाहती कि भारत में पुरुषों और महिलाओं ने तुरंत ही गोरे होने का एक तरीका खोज लिया है । कोई चालबाजी नहीं, कोई दर्द नहीं, केवल परिणाम।
गोरी त्वचा के लाभ, आप पूछते हैं ? यह वैज्ञानिक तौर पर साबित हो चुका है कि सुन्दर इंसान अपने विपरीत लिंग के इंसान को जल्दी आकर्षित करता है । उन्हें डेट्स भी जल्दी मिल जाती है ।
यह भी साबित हुआ है कि गोरे, अच्छे दिखने वाले लोगो को जॉब इंटरव्यू के लिए ज्यादा बुलाया जाता है और ज्यादातर उनका हे चयन होता है । वे एक जैसे जॉब में ही अधिक भरोसेमंद दिखते हैं और अधिक कमाते हैं ।
आप कल्पना कर सकते हैं कि यह छोटे-छोटे लाभ मिलकर ख़ुशी और जीवन की संतुष्टि में एक बड़ा अंतर लाते हैं । हर कोई अच्छा दिखना चाहता है, अच्छा लगना चाहता है , अच्छा होना चाहता है । क्या आप नहीं ? गोरी त्वचा पहला कदम है ।
रडयांस इंस्टेंट स्किन ब्राइटनेर एक तहलका मचा देने वाला गोरे होने का तरीका है जो कि बंगलौर के एक डॉक्टर ने आपकी त्वचा को तुरंत ही गोरा करने के लिए बनाया है । इससे बनाने में ७ साल लगे और यह दुनियाभर में अपने अविश्वश्नीय परिणाम के लिए जाना जाता है । रडयांस के साथ आपकी त्वचा तुरंत ही ५ शेड तक गोरी हो जाती है ! यह 100 % प्राकृतिक घटकों से बना है , और तुरंत ही उन जिद्दी गहरे धब्बों और काले घेरों को मिटा देता है । (1)(2)(3)
बाजार में आते ही रडयांस उन लोगो के लिए उलब्ध हो गाया है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, जैसे २८ वर्षीय सान्वी जोहर को ।
पिछले साल, सान्वी ने सोचा कि उसके काले होने के कारण उसकी शादी कभी भी नहीं होगी, अब उसकी सगाई अपने सपनो के राजकुमार से हो गई है ।
"यह सब रडयांस की महेरबानी है,” सान्वी ने हमे बताया । “पूरे जीवन भर में मैं बहुत काली थी और मैंने हर चीज का इस्तेमाल किया खुद को गोरा करने के लिए, कुछ भी काम नहीं किया । मैं बहुत ही निराश थी और मैंने उम्मीद छोड़ दी थी कि मुझे मेरे लायक कोई हमसफ़र मिलेगा, पर फिर मुझे रडयांस मिला और मुझे बहुत ही आश्चर्य हुआ कि कितनी जल्दी लड़को का नजरिया मेरे प्रति बदल गया ! मेरी माँ मजाक में कहने लगी कि मेरे पास पहने कोई विकल्प नहीं था अब बहुत से विकल्प हैं !”
" बिलकुल" उसने ये भी बताया " मेरे मंगेतर ने पहले मुलाक़ात में मुझसे यही कहा कि मैं कितनी गोरी और सुन्दर हूँ । उसने मुझे मेरे गाल चूमने के लिए भी पूछा क्योंकि उसे मेरी त्वचा बहुत अच्छी लगी ।“
पर कौन सी विशेषता रडयांस को इतना प्रभाव बनाती है ?
पहला, इसमें क्रांतिकारी नैनो कण हैं जो कि प्रकाश को परावर्तित करते हैं और तुरंत ही एक बेहतरीन त्वचा देते हैं । फिर आप जैसे जैसे समय के साथ रडयांस का इस्तेमाल करते जाते हैं असली जादू चालू होता है । यह क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत करता है और आपको वह गोरी त्वचा देता है जिसका आप लंबे समय से सपना देख रहे थे । (1)(2)(3)
रडयांस उस तरह का नहीं है जो आपने या आपके डॉक्टर ने सोचा होगा कि ऐसा हो सकता है । यह विज्ञान का एक चमत्कार है जिसे खुद देख के ही भरोसा किया जा सकता है !
रडयांस की निर्माताओं में आत्म विशवास भरा हुआ है कि आप उनके उत्पाद को पसंद करेंगे इसलिए वे 60% छूट भी दे रहे हैं ताकि आप परिणाम को खुद डेक सकें । पर आपको जल्दी करना होगा, अब जबकि यह राज सामने आ गया है रडयांस बहुत अधिक समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा । घोषणा के रूप में, सिर्फ 300 बोतल ही बची हैं ! भारत भर में त्वचा विशेषज्ञ अपने मरीजों को इसका सुझाव दे रहे हैं और वे जितनी बोतल खरीद सकते हैं खरीद रहे हैं इससे पहले कि यह खत्म हो जाए । बिना जोखिम वाले रडयांस को आज एक बार उपयोग करके देखें और खुद परिणाम देखिये । यह सच में काम करता है !
Article Source :- http://www.smartnewsnow.com/index_h_cb.html?voluumdata=BASE64dmlkLi4wMDAwMDAwMi0wZmQ2LTQwYzEtODAwMC0wMDAwMDAwMDAwMDBfX3ZwaWQuLjc2ZDE3MDAwLTAzYzQtMTFlNy04NzBjLWU5YTA5ZjQzZjBjOV9fY2FpZC4uZTlkYmY3M2UtMjRjMy00YzhiLTllNjEtNDRkNzUxOWE2NzNlX19ydC4uUl9fbGlkLi42ODU2YzAzZi1hNDcyLTQ5ZmEtYThjOC00ZGZkMzc3ZjAzM2RfX29pZDEuLjQ1YzhiYzhlLWMxZmMtNGQwYi05NGU3LWU1ODc4ZmNjNzg0ZF9fdmFyMS4uaW5kaWF0b2RheS1pY2hvd2tfX3ZhcjIuLkgxMV9fcmQuLnRyY1wuXHRhYm9vbGFcLlxjb21fX2FpZC4uX19hYi4uX19zaWQuLg&adid=H11&source=indiatoday-ichowk
यह स्वार्थी कंपनियां आपको यह नहीं जानने देना चाहती कि भारत में पुरुषों और महिलाओं ने तुरंत ही गोरे होने का एक तरीका खोज लिया है । कोई चालबाजी नहीं, कोई दर्द नहीं, केवल परिणाम।
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आप कल्पना कर सकते हैं कि यह छोटे-छोटे लाभ मिलकर ख़ुशी और जीवन की संतुष्टि में एक बड़ा अंतर लाते हैं । हर कोई अच्छा दिखना चाहता है, अच्छा लगना चाहता है , अच्छा होना चाहता है । क्या आप नहीं ? गोरी त्वचा पहला कदम है ।
रडयांस इंस्टेंट स्किन ब्राइटनेर एक तहलका मचा देने वाला गोरे होने का तरीका है जो कि बंगलौर के एक डॉक्टर ने आपकी त्वचा को तुरंत ही गोरा करने के लिए बनाया है । इससे बनाने में ७ साल लगे और यह दुनियाभर में अपने अविश्वश्नीय परिणाम के लिए जाना जाता है । रडयांस के साथ आपकी त्वचा तुरंत ही ५ शेड तक गोरी हो जाती है ! यह 100 % प्राकृतिक घटकों से बना है , और तुरंत ही उन जिद्दी गहरे धब्बों और काले घेरों को मिटा देता है । (1)(2)(3)
बाजार में आते ही रडयांस उन लोगो के लिए उलब्ध हो गाया है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, जैसे २८ वर्षीय सान्वी जोहर को ।
पिछले साल, सान्वी ने सोचा कि उसके काले होने के कारण उसकी शादी कभी भी नहीं होगी, अब उसकी सगाई अपने सपनो के राजकुमार से हो गई है ।
"यह सब रडयांस की महेरबानी है,” सान्वी ने हमे बताया । “पूरे जीवन भर में मैं बहुत काली थी और मैंने हर चीज का इस्तेमाल किया खुद को गोरा करने के लिए, कुछ भी काम नहीं किया । मैं बहुत ही निराश थी और मैंने उम्मीद छोड़ दी थी कि मुझे मेरे लायक कोई हमसफ़र मिलेगा, पर फिर मुझे रडयांस मिला और मुझे बहुत ही आश्चर्य हुआ कि कितनी जल्दी लड़को का नजरिया मेरे प्रति बदल गया ! मेरी माँ मजाक में कहने लगी कि मेरे पास पहने कोई विकल्प नहीं था अब बहुत से विकल्प हैं !”
" बिलकुल" उसने ये भी बताया " मेरे मंगेतर ने पहले मुलाक़ात में मुझसे यही कहा कि मैं कितनी गोरी और सुन्दर हूँ । उसने मुझे मेरे गाल चूमने के लिए भी पूछा क्योंकि उसे मेरी त्वचा बहुत अच्छी लगी ।“
पर कौन सी विशेषता रडयांस को इतना प्रभाव बनाती है ?
पहला, इसमें क्रांतिकारी नैनो कण हैं जो कि प्रकाश को परावर्तित करते हैं और तुरंत ही एक बेहतरीन त्वचा देते हैं । फिर आप जैसे जैसे समय के साथ रडयांस का इस्तेमाल करते जाते हैं असली जादू चालू होता है । यह क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत करता है और आपको वह गोरी त्वचा देता है जिसका आप लंबे समय से सपना देख रहे थे । (1)(2)(3)
रडयांस उस तरह का नहीं है जो आपने या आपके डॉक्टर ने सोचा होगा कि ऐसा हो सकता है । यह विज्ञान का एक चमत्कार है जिसे खुद देख के ही भरोसा किया जा सकता है !
रडयांस की निर्माताओं में आत्म विशवास भरा हुआ है कि आप उनके उत्पाद को पसंद करेंगे इसलिए वे 60% छूट भी दे रहे हैं ताकि आप परिणाम को खुद डेक सकें । पर आपको जल्दी करना होगा, अब जबकि यह राज सामने आ गया है रडयांस बहुत अधिक समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा । घोषणा के रूप में, सिर्फ 300 बोतल ही बची हैं ! भारत भर में त्वचा विशेषज्ञ अपने मरीजों को इसका सुझाव दे रहे हैं और वे जितनी बोतल खरीद सकते हैं खरीद रहे हैं इससे पहले कि यह खत्म हो जाए । बिना जोखिम वाले रडयांस को आज एक बार उपयोग करके देखें और खुद परिणाम देखिये । यह सच में काम करता है !
Article Source :- http://www.smartnewsnow.com/index_h_cb.html?voluumdata=BASE64dmlkLi4wMDAwMDAwMi0wZmQ2LTQwYzEtODAwMC0wMDAwMDAwMDAwMDBfX3ZwaWQuLjc2ZDE3MDAwLTAzYzQtMTFlNy04NzBjLWU5YTA5ZjQzZjBjOV9fY2FpZC4uZTlkYmY3M2UtMjRjMy00YzhiLTllNjEtNDRkNzUxOWE2NzNlX19ydC4uUl9fbGlkLi42ODU2YzAzZi1hNDcyLTQ5ZmEtYThjOC00ZGZkMzc3ZjAzM2RfX29pZDEuLjQ1YzhiYzhlLWMxZmMtNGQwYi05NGU3LWU1ODc4ZmNjNzg0ZF9fdmFyMS4uaW5kaWF0b2RheS1pY2hvd2tfX3ZhcjIuLkgxMV9fcmQuLnRyY1wuXHRhYm9vbGFcLlxjb21fX2FpZC4uX19hYi4uX19zaWQuLg&adid=H11&source=indiatoday-ichowk
सच हुई इतिहास की भविष्यवाणी... जानें, आगे क्या होगा
इतिहास ने जो भविष्यवाणी की थी आखिरकार वो सच हो ही गई. इतिहास की मानें तो टीम इंडिया पहला टेस्ट हारने के बाद आगे के मैच जीतने के लिए जी जान लगाती है. बैंगलुरु में यही देखने को मिला. यही नहीं ये तक कहा जा रहा है कि विराट की सेना, अब आगे के मैच में भी इस वापसी को कायम रखेगी और सीरीज जीतने में कामयाब हो सकती है.
टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट सीरीज शुरू हुई तो लगा इस बार विराट कोहली की सेना ऑस्ट्रेलिया को भारतीय पिच फिर चकमा देने के लिए तैयार है और थी भी... लेकिन पहले मैच में वो हुआ जिसका किसी को भरोसा नहीं था. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 333 रन से मात दी थी. इस जीत के बाद एक ओर जहां ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने उन सभी क्रिकेट पंडितों और क्रिकेट विश्लेषकों को करारा जवाब दिया, जिन्होंने सीरीज में कंगारुओं के 4-0 से हार की भविष्यवाणी की थी.
पहली जीत के बावजूद कंगारू कप्तान स्टीवन स्मिथ भी खौफ में थे क्योंकि वो जानते थे कि भारत की हार में कहीं न कहीं जीत छिपी हुई है और हुआ भी वही, बैगलुरु में खेले गए दूसरे टेस्ट की शुरुआत में लग नहीं रहा था कि टीम इंडिया जीत का टीका लगा पाएगी. लेकिन दूसरे सेशन में शानदार वापसी करते हुए टीम इंडिया ने जीत हासिल की. इतिहास भी कह रहा था कि पहला मैच हारने के बाद टीम इंडिया ओर खूंखार हो जाती है. टीम इंडिया ने भी जख्मी शेर की तरह कंगारुओं पर झपट्टा मारा और जीत हासिल की. आइए जानते हैं स्मिथ ने क्यों कहा था कि जीत के बाद भी बचकर रहे टीम इंडिया से...
पहला टेस्ट में सेन्चुरी बनाने के बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ
सीरीज के पहले ही टेस्ट मैच में हार झेलने के बाद दबाव कंगारुओं पर नहीं बल्कि भारतीय टीम पर था. कप्तान स्टीवन स्मिथ ने अपने खिलाड़ियों को कह दिया था कि पहली जीत से ओवर कॉन्फिडेंट न हों, क्योंकि टीम इंडिया कमबैक के लिए जी तोड़ कोशिश करेंगी और हुआ भी वही. कंगारू कप्तान ने ये बात ऐसे ही हवा में नहीं की थी. वो भी इंडिया पूरी तैयारी से आए हैं.
प्रेक्टिस के साथ-साथ किताबें भी पढकर आए हैं जिसमें बताया गया है कि टीम इंडिया कमबैक में माहिर मानी जाती है. हम आपको कुछ ऐसी ही टेस्ट सीरीज के बारे में बता रहे हैं, जिनमें भारत ने पिछड़ने के बाद ना सिर्फ वापसी की बल्कि सीरीज भी जीती है. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पुणे टेस्ट मैच में हार के बाद मीडिया को दिए गए अपने बयान में यह भरोसा दिलाते हुए कहा भी था कि आगामी टेस्ट मैचों में पहली गेंद से ही फर्क दिखाई देगा.
श्रीलंका को हराने के बाद जश्न मनाते विराट कोहली
श्रीलंका के खिलाफ 2015-16 की टेस्ट सीरीज
ऐसी ही स्थिति दिखाई दी थी श्रीलंका में... जब टीम इंडिया तीन मैंचों की टेस्ट सीरीज खेलने गई थी. टेस्ट में टीम इंडिया श्रीलंका से काफी बहतर मानी जाती है. जब पहला मैच इंडिया 162 रन से हारी तो फैन्स भी शौक रह गए, कि टीम इंडिया सीरीज कैसे जीतेगी. फिर टीम इंडिया ने शानदार वापसी करते हुए श्रीलंका को दूसरा टेस्ट 278 रन से और तीसरा टेस्ट 145 रनों से हराया. ऐसे टीम इंडिया ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की.
2000-01 सीरीज में हरभजन थे सीरीज के हीरो
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000-01 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज
2000 के दशक में ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट में सिक्का चलता था. बहुत कमी ही बार हुआ है कि इस टीम को कोई हरा पाया हो. 2000-01 में खेली गई ये सीरीज टीम इंडिया के लिए ऐतिहासिक साबित हुई. ये सीरीज काफी फिल्मी थी, जिसमें भरपूर ड्रामा था. पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से हराया फिर फैन्स ने भी हार की उम्मीद लगा बैठे थे. फिर दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 274 रनों की बढ़त बनाने और भारत को फॉलोऑन खिलाने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को हार मिली. तीसरे टेस्ट में हरभजन सिंह की बदौलत टीम 2 विकेट से जीती और सीरीज 2-1 से अपने नाम की.
1972-73 सीरीज में टीम इंडिया को मिली थी शानदार जीत.
इंग्लैंड के खिलाफ 1972-73 में खेली गई टेस्ट सीरीज
70 के दशक में वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड तीन टीमों का नाम चलता था. उस दौरान फारुख इंजीनियर की टीम ने इंग्लैंड पर जबरदस्त जीत हासिल की. पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में भारत को इंग्लैंड से दिल्ली में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद टीम इंडिया ने जोरदार वापसी करते हुए अगले चार टेस्ट मैचों में से दो में जीत हासिर की और सीरीज 2-1 से अपने नाम की.
टीम इंडिया ने जिस टर्निंग प्वाइंट पर पहुंच कर सीरीज में जीत हासिल की उसको देखकर लगता है कि इस बार विराट कोहली की टीम जी तोड़ कोशिश करेगी और इतिहास को देखकर लगता है कि दूसरा टेस्ट जीतकर टीम इंडिया अब सीरीज पर कब्जा करेगी.
http://www.ichowk.in/sports/after-first-test-loss-history-is-in-favour-of-team-india/story/1/5933.html
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टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट सीरीज शुरू हुई तो लगा इस बार विराट कोहली की सेना ऑस्ट्रेलिया को भारतीय पिच फिर चकमा देने के लिए तैयार है और थी भी... लेकिन पहले मैच में वो हुआ जिसका किसी को भरोसा नहीं था. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 333 रन से मात दी थी. इस जीत के बाद एक ओर जहां ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने उन सभी क्रिकेट पंडितों और क्रिकेट विश्लेषकों को करारा जवाब दिया, जिन्होंने सीरीज में कंगारुओं के 4-0 से हार की भविष्यवाणी की थी.
पहली जीत के बावजूद कंगारू कप्तान स्टीवन स्मिथ भी खौफ में थे क्योंकि वो जानते थे कि भारत की हार में कहीं न कहीं जीत छिपी हुई है और हुआ भी वही, बैगलुरु में खेले गए दूसरे टेस्ट की शुरुआत में लग नहीं रहा था कि टीम इंडिया जीत का टीका लगा पाएगी. लेकिन दूसरे सेशन में शानदार वापसी करते हुए टीम इंडिया ने जीत हासिल की. इतिहास भी कह रहा था कि पहला मैच हारने के बाद टीम इंडिया ओर खूंखार हो जाती है. टीम इंडिया ने भी जख्मी शेर की तरह कंगारुओं पर झपट्टा मारा और जीत हासिल की. आइए जानते हैं स्मिथ ने क्यों कहा था कि जीत के बाद भी बचकर रहे टीम इंडिया से...
पहला टेस्ट में सेन्चुरी बनाने के बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ
सीरीज के पहले ही टेस्ट मैच में हार झेलने के बाद दबाव कंगारुओं पर नहीं बल्कि भारतीय टीम पर था. कप्तान स्टीवन स्मिथ ने अपने खिलाड़ियों को कह दिया था कि पहली जीत से ओवर कॉन्फिडेंट न हों, क्योंकि टीम इंडिया कमबैक के लिए जी तोड़ कोशिश करेंगी और हुआ भी वही. कंगारू कप्तान ने ये बात ऐसे ही हवा में नहीं की थी. वो भी इंडिया पूरी तैयारी से आए हैं.
प्रेक्टिस के साथ-साथ किताबें भी पढकर आए हैं जिसमें बताया गया है कि टीम इंडिया कमबैक में माहिर मानी जाती है. हम आपको कुछ ऐसी ही टेस्ट सीरीज के बारे में बता रहे हैं, जिनमें भारत ने पिछड़ने के बाद ना सिर्फ वापसी की बल्कि सीरीज भी जीती है. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पुणे टेस्ट मैच में हार के बाद मीडिया को दिए गए अपने बयान में यह भरोसा दिलाते हुए कहा भी था कि आगामी टेस्ट मैचों में पहली गेंद से ही फर्क दिखाई देगा.
श्रीलंका को हराने के बाद जश्न मनाते विराट कोहली
श्रीलंका के खिलाफ 2015-16 की टेस्ट सीरीज
ऐसी ही स्थिति दिखाई दी थी श्रीलंका में... जब टीम इंडिया तीन मैंचों की टेस्ट सीरीज खेलने गई थी. टेस्ट में टीम इंडिया श्रीलंका से काफी बहतर मानी जाती है. जब पहला मैच इंडिया 162 रन से हारी तो फैन्स भी शौक रह गए, कि टीम इंडिया सीरीज कैसे जीतेगी. फिर टीम इंडिया ने शानदार वापसी करते हुए श्रीलंका को दूसरा टेस्ट 278 रन से और तीसरा टेस्ट 145 रनों से हराया. ऐसे टीम इंडिया ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की.
2000-01 सीरीज में हरभजन थे सीरीज के हीरो
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000-01 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज
2000 के दशक में ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट में सिक्का चलता था. बहुत कमी ही बार हुआ है कि इस टीम को कोई हरा पाया हो. 2000-01 में खेली गई ये सीरीज टीम इंडिया के लिए ऐतिहासिक साबित हुई. ये सीरीज काफी फिल्मी थी, जिसमें भरपूर ड्रामा था. पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से हराया फिर फैन्स ने भी हार की उम्मीद लगा बैठे थे. फिर दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 274 रनों की बढ़त बनाने और भारत को फॉलोऑन खिलाने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को हार मिली. तीसरे टेस्ट में हरभजन सिंह की बदौलत टीम 2 विकेट से जीती और सीरीज 2-1 से अपने नाम की.
1972-73 सीरीज में टीम इंडिया को मिली थी शानदार जीत.
इंग्लैंड के खिलाफ 1972-73 में खेली गई टेस्ट सीरीज
70 के दशक में वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड तीन टीमों का नाम चलता था. उस दौरान फारुख इंजीनियर की टीम ने इंग्लैंड पर जबरदस्त जीत हासिल की. पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में भारत को इंग्लैंड से दिल्ली में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद टीम इंडिया ने जोरदार वापसी करते हुए अगले चार टेस्ट मैचों में से दो में जीत हासिर की और सीरीज 2-1 से अपने नाम की.
टीम इंडिया ने जिस टर्निंग प्वाइंट पर पहुंच कर सीरीज में जीत हासिल की उसको देखकर लगता है कि इस बार विराट कोहली की टीम जी तोड़ कोशिश करेगी और इतिहास को देखकर लगता है कि दूसरा टेस्ट जीतकर टीम इंडिया अब सीरीज पर कब्जा करेगी.
http://www.ichowk.in/sports/after-first-test-loss-history-is-in-favour-of-team-india/story/1/5933.html
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